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आंध्र के एक सासंद ने इंदिरा जी को ‘दुर्गा’ कहा और यह बयान अटल जी पर नाहक चस्पा हो गया

 

सुरेंद्र किशोर
पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लगातार इस बात का खंडन करते रह गये कि ‘ मैंने इंदिरा गांधी को कभी दुर्गा नहीं कहा था।’ पर इसके बावजूद कई लोग यह कहते और लिखते रहे हैं कि उन्होंने लोक सभा के अपने भाषण में ऐसा कहा था।दरअसल तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के लिए इस विशेषण का इस्तेमाल आंध्र प्रदेश के एक कांग्रेसी सासंद ने किया था।
सदन में आंध्र के उस सासंद का भाषण जनसंघ नेता अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण के तत्काल बाद हुआ था।
मीडिया ने गलती से दुर्गा शब्द अटल जी के मुंह में डाल दिया।अटल जी ने दूसरे ही दिन उसका खंडन भी कर दिया था।फिर भी बात नहीं बनी।
अब भी दुर्गा शब्द अटल जी के गले पड़ा हुआ है।
बंगला देश युद्ध में विजय के बाद इस देश के अधिकतर लोगों के दिलो दिमाग में तत्कालीन प्रधान मंत्री के लिए काफी सराहना के भाव थे।उनमें से कुछ लोग उनकी तुलना दुर्गा से करते भी थे।याद रहे कि पाकिस्तान के 90 हजार 368 सैनिकों व नागरिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्म समर्पण किया था।
पर एक बड़े विरोधी नेता को नाहक इसको लेकर परेशान होना पड़ा जबकि अटल जी बार-बार उसका खंडन करते रहे।
सन 1989 में एक हिंदी साप्ताहिक पत्रिका के साथ बातचीत में अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि ‘दुर्गा’ का नाम छप गया।मैंने कहा नहीं था।श्रीमती पुपल जयकर का फोन आया था।उन्होंने कहा कि लोक सभा की कार्यवाही में वह प्रसंग देख रही हैं जिसमें आपने दुर्गा कहा था।इस पर मैंने उनसे कहा कि वह प्रसंग आपको मिलेगा नहीं । क्योंकि मैंने दुर्गा कहा ही नहीं था।
पुपल जयकर ने स्पीच संकलन सेक्शन को लिखा कि वे वाजपेयी जी के सारे पुराने भाषण देखें।उस समय आंध्र के सदस्य थे जो मेरे बाद बोले थे।उन्होंने इंदिरा जी को दुर्गा कहा था।
अटल जी दूसरे दिन लोक सभा अध्यक्ष के पास गये।
उनके अनुसार ,‘मैंने अध्यक्ष से कहा कि यह मेरे नाम से छप गया है,इसका स्पष्टीकरण दीजिए।’
उन्होंने कहा कि ‘छोड़ो भाई, लड़ाई हो रही है।’
भेंट वार्ता में अटल जी ने कहा कि मैंने एक बात जरूर कही थी। जब प्रधान मंत्री ने कहा कि मुझे सभी पार्टियों का सहयोग चाहिए तो मैंने कहा कि पार्टियों की बात मत कीजिए,पूरा देश एक पार्टी है।
दूसरी पार्टी पाकिस्तान है जिससे लड़ाई है।लड़ाई का नेतृत्व आपको करना है।
मैंने दुर्गा की बात नहीं कही।लेकिन कांग्रेस ने मेरे उस भाषण का मेरे खिलाफ, मेरे दल के खिलाफ और पूरे प्रतिपक्ष के खिलाफ बड़ा घटिया उपयोग किया।
साथ ही एक निजी टेलिविजन चैनल के साथ बातचीत में अटल जी ने इस प्रसंग में कहा कि यदि लोक सभा के भाषण में पुपल जयकर को ऐसा कोई प्रसंग मिला होता तो वह अपनी किताब में उसका जिक्र जरूर करतीं।
याद रहे कि पुपल जयकर ने इंदिरा गांधी पर अपनी प्रस्तावित पुस्तक में चर्चा करने के लिए अटल जी से संपर्क किया था।पुपल जयकर लिखित इंदिरा गांधी की जीवनी 1997 में छपकर आयी भी।पर उस किताब में इस बात की चर्चा नहीं है कि अटल जी ने इंदिरा जी को दुर्गा कहा था।

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